डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। इंडोनेशिया के पूर्व राष्ट्रपति सुकर्णो की बेटी सुकमावती सुकर्णोपुत्री ने इस्लाम को छोड़कर हिंदू धर्म अपना लिया है। सुकर्णो सेंटर बाली में आयोजित सुधी वडानी समारोह में सुकमावती ने हिंदू धर्म स्वीकार किया। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए कई वीडियो में वह धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करती हुई नजर आ रही हैं। आयोजन के बाद उन्होंने एक प्रेस कान्फ्रेंस भी की। सोशल मीडिया यूजर इसे दक्षिण पूर्व एशिया में सनातम धर्म का प्रसार बता रहे हैं।

इस्लाम इंडोनेशिया का सबसे बड़ा धर्म
इंडोनेशिया के कट्टरपंथी मुस्लिम समूहों ने सुकमावती के विरोध में एक ईशनिंदा का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद सुकमावती ने माफी मांगी थी। इंडोनेशिया में इस्‍लाम सबसे बड़ा धर्म है। दक्षिणपूर्वी एशियाई देश में दुनिया की सबसे ज्‍यादा मुस्लिम आबादी रहती है। इंडोनेशिया के बाली द्वीप पर बड़ी संख्‍या में हिंदू भी रहते हैं। यहां कई हिंदू मंदिर बने हैं और रामायण का मंचन  भी होता है । वीडियो में पुजारी को मंत्र पढ़ते और सुकमावती के ऊपर पवित्र जल छिड़कते हुए देखा जा सकता है। उनकी परंपरागत तरीके से आरती भी उतारी गई और अन्य मान्यताओं का पालन भी करवाया गया। सुकमावती हिंदू धर्म की सभी सिद्धांतों और परंपराओं से पूरी तरह से वाकिफ हैं। बाली में हिंदू धर्म से जुड़े कई मंदिर हैं और दुनियाभर से लोग इसे देखने आते हैं।

इस्लाम के अपमान का आरोप का बदला
सुकमावती की उम्र अभी 70 साल हैं और सुकर्णो की तीसरी बेटी हैं। उनसे छोटी पूर्व राष्‍ट्रपति मेगावती सुकर्णोपुत्री हैं। वह इंडोनेशिया नैशनल पार्टी की संस्‍थापक भी हैं। उन्‍होंने कांजेंग गुस्‍ती पानगेरान अदिपति आर्या से शादी की थी लेकिन वर्ष 1984 में उनका तलाक हो गया था। वर्ष 2018 में सुकमावती पर एक ऐसी कविता कहने का आरोप लगा था जिससे इस्‍लाम का अपमान हुआ।

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